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02 अप्रैल 2021 आज प्रेस क्लब, नई दिल्ली में वार्ता का आयोजन किया गया । पूर्व सांसद एवं अनुसूचित जाति / जन जाति परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ उदित राज ने कहा कि हरियाणा में मात्र एक दलित मठ को बीजेपी सांसद द्वारा कब्जा किया जा रहा है।

अतीत में गोरखनाथ पीठ से जुड़े बाबा मस्तनाथ ने रोहतक में पीठ की स्थापना की । उन्होंने 3 वारिश बनाये उसमे औघड़ पीर बाबा सूरत नाथ एक थे जो दलित समाज से आते हैं। तीनों को बराबर का अधिकार दिया । लगभग 900 बीघा जमीन हैं , आरएसएस/ बीजेपी सांसद बालक नाथ पूरे संपत्ति पर कब्जा करना चाह रहे हैं। वर्तमान में बाबा रमेश नाथ बाबा सूरत नाथ की गद्दी पर हैं। जिनको डरवा कर भगाने का षड्यंत है। मनोहर लाल खट्टर की सरकार जबरन कब्जा करा रही है। दलित की बेटी कांता आलडिया, अध्यक्ष- मिशन एकता परिषद ने जान जोखिम में डालकर ईद दलित मठ के लिए लड़ रही हैं। 30 मार्च को अम्बेडकर चौक, रोहतक पर रख बड़ी पंचायत किया और प्रशासन से बात हुई । तय किया कि 31 मार्च को प्रशासन तथ्य के आधार पर फैसला देगा । ऐसा न होता देखकर अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का निश्चय किया गया। यही वजह है कि आज प्रेस कांफ्रेंस दिल्ली में किया जा रहा है।

मिशन एकता परिषद की अध्यक्ष कांता आलाडिया एवं दलित मठ के वर्तमान महंत रमेश नाथ जी ने संबोधित किया। कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांता आहालाडिया ने भाजपा सांसद बालकनाथ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सांसद द्वारा दलित मठ पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि महंत रमेश नाथ चेला महंत शीशराम नाथ चेला महंत मामनाथ महंत डेरा बाबा सूरत नाथ औघड़ पीर स्थल बोहर रोहतक वर्तमान में दलित मठ में गद्दीनासीन हैं. दिनांक 3-7-2016 को महंत श्री रामनाथ जी कि मृत्यु के उपरान्त परंपरागत तरीके से विधिवत उनका चेला होने के नाते बाबा रमेशनाथ को उनका उत्तराधिकारी वर्ष 2016 में ही घोषित कर दिया गया . माननीय न्यायालय द्वारा [16-1-2020] महंत शीशनाथ जी की संपत्ति का महंत रमेशनाथ जी को सक्सेशन सर्टिफिकेट मिला था.

कांता आलडिया ने आगे बताया कि 3/5/2020 कि रात कुछ अपराधियों द्वारा मठ में बनी समाधियों को नुकसान पहुचाया गया . इससे महंत रमेश नाथ जी एवं अनुयाइयों के साथ साथ मठ में गहरी आस्था रखने वाले लाखों लोगों की भावना को गहरी ठेंस पहुची है. इस मामले में शिकायत के बावजूद अब तक प्रशासन द्वारा कोई कारवाई नहीं की गयी है.

वही महंत रमेशनाथ ने कहा कि – डेरे के नाम पर पूर्व में बड़े पैमाने पर धांधली की गयी है जिसकी जांच एक स्वतंत्र संस्था द्वारा की जानी चाहिए. डेरे पर अपराधियों द्वारा तोड़-फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया, मठ में समाधियों को क्षति पहुचाई गयी . इस मामले में कारवाई नही हुयी है, इससे लगता है कि प्रशासन कि मिलीभगत से सब चल रहा है.